दिल्ली के वसंत कुंज में स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च की 17 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न एवं छेड़छाड़ के आरोपों के बीच, स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती (उर्फ पार्थसारथी) को 27 सितंबर 2025 की रात आगरा से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चैतन्यानंद आगरा के होटल फर्स्ट ताजगंज में ठहरा था, जहाँ से दिल्ली पुलिस ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली ले जाया गया जहाँ उनका मेडिकल परीक्षण करवाया गया और बाद में उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट, दिल्ली में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।
पुलिस ने अभियुक्त के पास से दो फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए हैं — एक कार्ड पर उसे “संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत” का दर्जा दिखाया गया था, और दूसरे कार्ड में वह “BRICS संयुक्त आयोग का सदस्य एवं भारत का विशेष दूत” बताया गया था। इसके अलावा, तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चैतन्यानंद किस-किस के साथ मिले हुए थे। उन जगहों की छानबीन की जाएगी, जहाँ उन्हें कथित रूप से छात्राओं को महंगी कारों में लेकर जाना था। आरोप है कि उन्होंने एक फर्जी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की पहचान पत्र (ID) भी बनवाई थी।
गिरफ्तारी का वक्त और होटल विवरण
होटल कर्मचारी भरत ने बताया कि चैतन्यानंद शनिवार शाम करीब 4 बजे होटल में पहुँचे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने रात करीब 3:30 बजे उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिसकर्मी स्वयं को दिल्ली क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बता कर कमरे में गए और 10 मिनट बातचीत के बाद चैतन्यानंद को अपने साथ ले गए। उस समय उन्होंने अपने नाम “पार्थ सारथी” बताया था।

आर्थिक दबाव में छात्रों को निशाना :
पुलिस का दावा है कि चैतन्यानंद ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को टारगेट किया। उसने उन्हें धमकी दी, अश्लील मैसेज भेजे, विदेश यात्रा का लालच दिया। कई बार छात्राओं को रात में कमरे में बुलाया गया और इनके विरोध पर उनके ग्रेड घटाने की धमकी दी गई। जांच में मिले WhatsApp संदेशों में “बेबी”, “आई लव यू”, “आई अडोर यू” जैसे शब्द पाए गए, साथ ही छात्राओं की पोशाक और बालों की तारीफ भी की गई।
कुछ वार्डन और फैकल्टी सदस्य भी आरोपी की मदद में शामिल पाए गए — आरोप है कि उन्होंने छात्राओं से चैट्स डिलीट करवाए और उन्हें चुप रहने के लिए दबाव डाला। कुल 32 छात्राओं से पूछताछ हुई, जिनमें से 17 ने सीधे यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई।
वकीली स्थिति और FIR :
अब तक 16 छात्राओं ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए हैं। आरोपी ने कुछ छात्राओं को विदेश यात्रा का लालच दिया था और उनके खिलाफ धमकी और ब्लैकमेल की रणनीति अपनाई।
पुलिस ने चैतन्यानंद के 8 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं, जो 18 बैंक खातों और 28 FD में जमा थे। यह राशि ट्रस्ट से जुड़ी बताई जा रही है।
पुरानी शिकायतों की भी बात उजागर हुई है — 2009 और 2016 की FIRs पहले से दर्ज हैं। एक FIR विद्यार्थियों के साथ छेड़छाड़ की, एक धोखाधड़ी की, और एक फर्जी डिप्लोमैट नंबर प्लेट की है। आरोपी समय-समय पर गाड़ी की नंबर प्लेट बदलता रहता था, जिसमें “UN” शब्द शामिल रहता था।
चैतन्यानंद होटल में “पार्थ सारथी” नाम से ठहरा था। होटल पंजीकरण में उसी नाम की एंट्री थी।
पहली शुरुआत से ही पुलिस को आगरा में उनकी लोकेशन मिली हुई थी। लुकआउट नोटिस भी जारी था। अंततः 27 सितंबर रात पुलिस ने होटल First, ताजगंज में दबिश दी और उन्हें गिरफ्तार किया।